[Thoughts]: जीवंत प्रेरणा

 

🤓 "जीवंत प्रेरणा" 🤓

कर गयी दस्तक मेरे चरित्र पर,

कुछ ठहर सा गया था जीवन,

वक़्त की धीमी रफ्तार ने,
कुछ एसा झोंका दिया...
कुछ आहट हुई...
कुछ हलचल हुई...

मानो कुछ शांत जल स्रोत मे कुछ हल्की तरंगे उठी...

समझ आने लगे जीवन के कुछ किस्से... कुछ अनछुए हिस्से...

मेरी "जीवंत प्रेरणा" के स्रोत से जो अनुभव मिले हर कदम पर साथ देते रहे...

एसा लगा चल मैं रहा हूँ गति वो दे रहे हैं...
लड़खड़ा में रहा हूँ... बैसाखी वो बन रहे हैं... 🙂

गुपचुप से दस्तक देकर,
दस्तख़त के पन्नों के पीछे छुपा उभार मैं हूँ... 🙂

ये "जीवंत प्रेरणा" सम्मान है...
जो दस्तख़त की प्रतिलिपि आजतक समय मे धूमिल ना हुई... ❤️❤️❤️

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